होली कब और क्यो मनाई जाती है

पहले बात करते है होली कब और क्यो मनाई जाती हैं  आए जाने होली कब और क्यो मनाई जाती है

होली क्यो मनाई जाती हैं Holi

प्राचीन काल में एक  हिरण्यकश्यप नाम का एक राजा था जो कि अपने आतियाचार के कारण सब में जाना जाता था । हिरण कश्यप में बहुत कड़ी तपस्या करके विरह्मा जी से वरदान ले लिया जिससे कि कोई भी उसे मार ना सके जैसे मनुस्य जीव जंतु या कोई और भी उसे मर ना सके ना तो वह दिन मै मरे ना रात में ना तो अस्त्र शास्त्र से ना वह जमीन पर मरे ना वह आकाश में मरे वरह्मा जी ने बरदन से दिया

( होली कब और क्यो मनाई जाती है ) कि तू ना तो आकाश में मरेगा ना जमीन पर ना अस्त्र ना शास्त्र ना किसी पशु से ने किसी जीव से ना जंतु से । वरदान मिलने के बाद हिना हिरण्यकश्यप बहुत खुश हुआ वह अपने घर चला गयाा।  इनकेे घर में एक प्रहलाद नाम केे बालक ने जन्म लिया  जो कि ईश्वर यनी की भगवान पर विश्वास करता था । होली कब और क्यो मनाई जाती है

होली कब और क्यो मनाई जाती है । Holi

प्रहलाद माना जाता है कि बह भगवान विष्णु का परम भक्त था । जो कि अपने पिता को भगवान न मान कर भगवान विष्णु की भक्ति करता था वह उन पर अत्यंत विश्वास करता था

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जब यह बात इनके पिता जी को चली तो उनको बहुत बुरा लगा कि मै बेटा मेरी पूजा छोड़ कर किसी और कि पूजा करता है और किसी को भगवान माना है । हिरण्यकश्यप ने कहा कि वह किसी और कि पूजा ना करे या ना है किसी को भगवान में वह मेरी ही पूजा करे और मुझे भगवान माने ।  ( होली कब और क्यो मनाई जाती है ) अनियाथा इसको मौत की सजा मिलेगी

उनके लड़के ने उनकी एक भी बात नहीं सुनी वह सिर्फ ईश्वर यही की भगवान पर भरोसा करता था  । उन्होंने उसको मारने की योजना बनाई जिसमें की वह हर योजना में ना काम रहा । प्रहलाद अपने पिता की हर एक योजना से बचता जा रहा था ।  फिर इनके पिता ने अपनी बहन यानी की होली Holi को बुलाया  जिसको की आग से ना जानते वाली चादर । या फिर वरदान मिला हुआ था जिससे की वह आग में नहीं जाती ।

प्रहलाद के पिता ने उसको बुलाया  और सारी घटना बताई । फिर उन्होंने उसको मारने के लिए होली Holi का सहारा लिया होली ने प्रहलाद को उठाया और वह अग्नि में बैठ गई और फिर उसमे आग लगाई गई ।  प्रहलाद ती भगवान विष्णु की कृपा से नहीं जला। और बच गई और होली वहीं जल गई । तभी से होली मनाई जाती है । हम बात कर रहे हैं कि होली कब और क्यो मनाई जाती है

हिरण्यकश्यप की मृत्यु

हिरण्यकश्यप की मृत्यु कैसे होई भगवान विष्णु जी ने नरसिंह ना अवतार लिया और जब वह खमवे से निकले थे समय सुबह और शाम का संध्याकाल था । जिसमे की उन्होंने उसको घर के दरवाजे के विच में बैठ कर उसको अपने घुटनों पर रख कर उसको नखुनो से फाड़ दिया और उसकी मृत्यु हो गई जिसे उसके मारने के बाद में उसकी मरने की खुशी में सबने रंग से होली बनाईं

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हिरण्यकश्यप की बहन का नाम

जैसे कि आप जाने है कि हमें पहले बताया कि हिरण्यकश्यप की वहां का नाम होली है जिन । भक्त प्रहलाद को जलने कि कोशिश में खुद ही जल गई । होली कब और क्यो मनाई जाती है

होली का इतिहास

होली भारत का बहुत पुराना त्यौहार है जिसको बहुत प्राचीन से मनाया जाता है जिसको हम होलिका Holi या फिर होली के नाम से जानते है । इस त्यौहार को हम पसंद ऋतु में मनाते हैं 

होली के बारे में यह बताया जाता है कि यह आर्य समाज के लोग भी इस मनाते थे लेकिन देखा जाए तो यह होली का त्यौहार सबसे ज्यादा भारत मै ही मनाया जाता है । होली कब और क्यो मनाई जाती है

इस त्यौहार के बारे में पुरने ग्रंथ पुराण से पर चलता है जिसमे वताया गया है कि रामगढ़ नागर के बारे में बताया गया है

किसीने कहा है मुस्लिम जिसका नाम अबारुनी था उन्हें अपने यात्रा में होती के तोहार के बारे में वर्णन किया है ।इससे यह माना जाता है  कि हिंदू है नहीं केवल मुस्लिम लोग भी इसको जानते है कि होली कब और कहा से मनाई जा रही है ।

और बताया गया है अवरुनी मुस्लिम लोग भी होली Holi के तोहार को मानते है कहा जाता है कि वेद पुराणों में में जोधा अकबर जैसे प्राचीन राजा के होली बनाए जाने का वर्णन है मुगल बादशाह बहादुर शाह ज़फ़र जो कि मुगलो के जमाने को अंतिम बादशाह रहा और कहा जाता है कि  उसके मंत्री और भी बहुत सारे जाने उनको होली Holi पर रंग लगाने जाकरते थे । होली कब और क्यो मनाई जाती है

नोट्स का महत्व Note Importance

अगर आपको होली का कुछ प्राचीन वर्णन अपनी आखों से देखना हो तो किसी प्राचीन मंदिर में जा कर देख सकते हो और वह पर वेब चित्र या मूर्ति को देख अंदाजा लगा सकते हो

अगर आपको मदिर का नाम नहीं पता तो मेवाड़ी के एक मंदिर में महाराणा प्रताप जो की अपने साथी या फिर दरवार कह सकते है उनके साथ रंग लगने की चित्र । मूर्ति है यही होली का इतिहास रहा है। जितनी मुझे जानकारी है होली के इतिहास के बारे में बता दी है

होली के प्रति हमारा कर्तव्य Our Duty Towards Holi

माना जाता है होली एक एकता और और प्रेम का प्रतीक है । हमको होली। बनते समय सबका होमको एकता और प्रेम के आदर्शों को सामने रखना चाहिए । होली के तोहार पर पर दारू पीते है । हम बात कर रहे हैं । होली कब और क्यो मनाई जाती है

होली पर हमारा कर्तव्य

और होली के तौहार पर किसे के उपर रंग की जगह पर कीचड गेर देते है जिसको में नहीं करना चाहिए । किसी के ऊपर कीचड गेरने से प्राय है झगड़ा होता है छोटा झगड़ा कभी कभी बड़े झगड़े का रूप भी ले लेता है । इन सब कामों पर रोक लगा जान चाहिए

हमारा कर्तव्य यह है कि सबसे किसी भी तोहार को मानते समय हम यह ध्यान में रखना चाहिए हमरी वजह से किसी भी किसी भी कठिनाई का सामना ना करना पड़े । और हम यह कर्तवय है हम हर एक तोहार मनाते समय आदर्शों आचरण करें ।

इस त्यौहार को बहुत पवित्र माना जाता है । इस त्यौहार को हम अपने मित्रो और भाई के साथ बहुत मज़े से मना सकते है और माना भी चाहिए । होली Holi के त्यौहार Festival पर हर किसी को  गले लगानाा चाहिए और ऊंच-नीच को दूर भगाना चाहिए यही यही होली के प्रति हमारा कर्तव्य होना चाहिए

होली मानने का तरीका Way to celebrate holi

होली के दिन शाम को सब होली को पूजते है और उसकी परिक्रमा भी करते हैं । परिक्रमा करना बेहत ही शुभ माना जाता है । अपने अपने घर में काफी पहले से ही है कोई लकड़ी को छोटी होली बना लेते हों और काफी से पहले से ही गोबर के छोटे छोटे उपले या फिर कह को कि बुरागले जिसको गुलरी भी बोलते है । होली कब और क्यो मनाई जाती है

  • हमरे यह पर बुरागले बोलते है और आपके यह पर क्या बोलते है यह कॉमेंट मै जरूर बताना इन्हीं बुरगलो में रस्सी डाल कर कोई सारी मला बनाई जाती है । होली बले दिन सुबह से इसकी पूजा शुरू हो जाती है और विधि पूर्वक इसको संपन्न किया जाता है जैसे कि घर पर।

होली मानने का तरीका Way to celebrate holi

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बनी कचोरियां और आदि पकवान से भोग लगाया जाता हैं । जिस दिन होली की संध्या होती है उसके बाद उसको  मुहूर्त देखकर आग लगाई जाती है । और बड़ी होली से आग ले है कर अपने घर को होली में आग लगा दी जाती है । और होली में जौ और गन्ने को भुना जाता है उसके अगले दिन ही सब लोग मिलकर होली मानते है । होली कब और क्यो मनाई जाती है

और ढोल और अब dj  बजाते है और नाचते है और एक दूसरे एक गुलाल लगते है और बच्चे भी इसको बड़ी मौज मस्ती के साथ मानते है और पिचकारी छोड़ते है और एक दूसरे को सब रंग लगाते हैं

Holi होली त्यौहार की बुराई

Holi festival होली त्यौहार की कुछ बुराइयां भी है जिनको हैं नजरअंदाज करते हैं जिनको हमे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए ।

जैसे कि केमिकल कारण खरीदना केमिकल का रंग नहीं खरीदना चाहिए हमको अगर आज केमिकल के रंग खरीदते हो तो है आपके तो जब नुकसान देता है और काहा जाता है कि पहले लोग चंदन और गुलाल से होली खेल करते थे और जिसमे उनकी त्वचा का कोई नुकसान नहीं होता था इससे आप बिना केमिकल वाला रंग खरीदें

होली की परंपरा Holi Tradition

होली का त्यौहार को रंगो के त्यौहार के नाम सेे भी जाना जाता है इसमें सब मिलकर एक दूसरे को रंग लगाते है और लगे भी मिलते इसकी परंपरा भी प्राचीन है प्राचीन काल में यह माना जाता है कि होली Holi Festival के त्यौहार को विवाहित स्त्रियां अपने घर कीी सुख शांति के लिए इसको मनाया करती थी Holi होली की पहली Tradition  परंपरा होती हैैैैैैै । होली कब और क्यो मनाई जाती है

किसी एक स्थान पर जहां पर जगह खाली पड़ी हो वह पर एक डंडा या फिर पाच गोबर के उपले (कंडे) रखेे जातेेेे है जिसको कोई भी व्यक्ति स्नान करके रखता है । फिर इसी होली पर घर से गोबर के उपले और लकड़ी  को डाला जाता है जिससे यह बड़ी हो जाती हैं । और घर की जलाई होली की भी रखा को यही पर डाला जाता है । होली की तैयारियां कोई दिन पहले से हो जाती हैं ।

होली की परंपरा Holi Tradition

जिस दिन को होली Holi को जलाया जाता है उस दिन लो होलिका दहन या फिर होली दहन कहते है । और कहीं पर गोबर के बने बुर्गले यांकी भरभोलिए की माला बनी होती । ( होली कब और क्यो मनाई जाती हैै)   इन गोबर के भरभोलिए को होली का दहन होने पहलेे होली  के ऊपर डाला जाता है पंडित या ज्योतिष के बताए हुए समय के अनुसार दिन ढलने के बाद इसमें आग लगाई जाती है। जलने से पहले उसका विधि पूर्वक दोपहर को पकवान से इसे भोग लगाया जाता है

होली से जुड़े कुछ सवाल

हिरण्यकश्यप की बहन का नाम

जैसे कि आप जाने है कि हमें पहले बताया कि हिरण्यकश्यप की वहां का नाम होली है

Holi कब जलेगी

2021 की होली 28 मार्च दिन रविवार शाम 06.37 से 08.56 मिनट के बीच का मुहूर्त है

2020 की होली कब जली थी

2020 की होली  09 मार्च दिन सोमवार शाम 06.32 से 06.50 मिनट के बीच का मुहूर्त था

मार्च में होली कब है

मार्च में होली 28 मार्च की है और दिन रविवार का है । होली कब और क्यो मनाई जाती है

होली का त्यौहार क्यों मनाया जाता है

यह हमने आपको उपर बता दिया है कि होली का त्यौहार क्यो मनाया जाता है

होली कब और क्यो मनाई जाती है

होली से जुड़े कुछ सवाल

होली पूजन कब है

होली पूजन 28 मार्च की शाम का है

होलिका दहन होने के बाद हमको क्या करना चाहिए

होली के दहन के बाद हमको उसकी आग मै गन्ने और जो को भूनना चाहिए और फिर घर चले जाते है

होली को किन किन नामो से जाना जाता है

होली को अनेक नामों जाना जाता है जैसे कि

होली

होलिका

बसंत उत्सव

आदि नाम से जाना जाता है । होली कब और क्यो मनाई जाती है

हिरण्यकश्यप को किसने मारा

हिरण्यकश्यप को नरसिंह ने मारा जो की विष्णु भगवान का अवतार। थे

यह आर्टिकल कैसा लगा कॉमेंट करके जरूर बताना । अगर इसमें कुछ और रह गया है तो ओ भी बता देना में उसको आपके पास तक पहुंचाने की कोशिश करूंगा । होली कब और क्यो मनाई जाती है

 

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